
[ad_1]
मो. महमूद आलम
नालंदा: बिहार सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहा है . कई कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं. जिससे यहां की स्वास्थ सेवा गुणवत्ता के साथ -साथ सुविधा बेहतर हो, इसके लिए कायाकल्प, लक्ष्य, एनक्वास जैसे कई कार्यक्रम के साथ-साथ मिशन क्वालिटी पर काम किया जा रहा है.
विशेषज्ञ चिकित्सकों व आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण किये जा रहे तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं. सदर अस्पताल में काफी संख्या में रेफर मरीज पहुंच भी रहे हैं. लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों व आवश्यक संसाधनों के अभाव में इमरजेंसी से हर साल करीब 28% मरीज पटना रेफर हो रहे हैं. सबसे ज्यादा एक्सिडेंटल और हेड इंज्यूरी के मरीज रेफर किए जा रहे हैं.
आपके शहर से (नालंदा)
इमरजेंसी से सबसे ज्यादा मरीज रेफर होते हैं:
बिहार शरीफ सदर अस्पताल का इमरजेंसी से सबसे ज्यादा मरीज रेफर होते हैं. 2022 के आंकड़ों को देखा जाय तो 1769 मरीज एडमिट हुए थे जिसमें 488 रेफर कर दिए गए हैं. सबसे ज्यादा करीब 30% एक्सिडेंटल और 25% हेड इंज्युरी से संबंधित मरीज रेफर किए जाते हैं. हेड इंज्युरी वालों के लिए न्यूरो से संबंधित एक भी चिकित्सक नहीं है. एक्सिडेंटल के लिए ऑर्थो सर्जन हैं लेकिन ऑपरेशन के लिए जो मानक है उस अनुसार संसाधन नहीं है. मात्र 3-4 लोगों का प्लास्टर ही संभव हो पा रहा है.
मात्र 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों के भरोसे चल रहा हैं अस्पताल :
कहने को तो यहां यहां 30 डॉक्टरों की टीम है. लेकिन इनमें से मात्र 13 ही विभिन्न विभाग के विशेषज्ञ हैं. शेष एमबीबीएस चिकित्सक हैं. ऐसे में जाहिर सी बात है कि सामान्य बीमारी के लिए प्रखंड स्तर से जिला तक रेफर करना मरीजों को परेशान करने वाली बात हो जाती है. जबकि सदर अस्पताल में कमजोर लोगों के लिए इलाज कराने के लिए अधिक संसाधन और सुविधा की जरूरत है.
करीब 30 % मरीजों को करना पड़ता है रेफर:
सदर अस्पताल मे संसाधनके अभाव का नतीजा गरीब मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है . इस अस्पताल में कुल 3 सर्जन 5 स्त्री रोग विशेषज्ञ ,2 डॉक्टर ऑर्थो विभाग में ,3 शिशु विभाग में जबकि ईएनटी में मात्र 1 डॉक्टर है . इस वजह से 1769 मरीज एडमिट हुए थे जिसमें 488 को रेफर करना पड़ा .
हमारे पास जितने भी संसाधन है उसमें होता है बेहतर इलाज:
नालंदा सीएस डॉ. अविनाश कुमार सिंह बताते हैं कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से इंकार नहीं किया जा सकता है. लेकिन जो भी संसाधन है, उतने में ही चिकित्सकों द्वारा बेहतर इलाज देने का प्रयास किया जाता है. यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर टीम होनी चाहिए.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
टैग: Apna bihar, नालंदा न्यूज
पहले प्रकाशित : 25 जनवरी, 2023, दोपहर 2:29 बजे IST
[ad_2]
Source link