Home Bihar टिप्पणी: यूपी के मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने के फैसले पर आया बिहार के इस मुस्लिम नेता का बयान, जानें क्या बोले

टिप्पणी: यूपी के मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने के फैसले पर आया बिहार के इस मुस्लिम नेता का बयान, जानें क्या बोले

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टिप्पणी: यूपी के मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने के फैसले पर आया बिहार के इस मुस्लिम नेता का बयान, जानें क्या बोले

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

द्वारा प्रकाशित: कीर्तिवर्धन मिश्र
अपडेटेड सन, 15 मई 2022 08:01 AM IST

सार

उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के मदरसों में छात्रों के लिए कक्षाएं शुरू होने से पहले राष्ट्रगान का पाठ अनिवार्य किए जाने को कुछ इस्लामी विद्वानों द्वारा अपवाद के रूप में लिया गया है।

बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन।

बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन।
– फोटो : Amar Ujala

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विस्तार

उत्तर प्रदेश के मदरसों में राष्ट्रगान को अनिवार्य करने को लेकर विपक्षी दल दबे-छिपे योगी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। अब इस मामले में भाजपा के नेता का भी बयान आया है। बिहार में  पार्टी के वरिष्ठ मुस्लिम नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि योगी आदित्यनाथ प्रशासन द्वारा लिए गए इस फैसले में में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।

बिहार सरकार के उद्योग मंत्री शाहनवाज ने यह भी दावा किया कि जिस मदरसे में उन्होंने खुद अध्ययन किया था वहां जन गण मन खुशी से गाया जाता था। उत्तरप्रदेश मदरसा बोर्ड के आदेश के बारे में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर शाहनवाज ने कहा, ‘‘क्या अब तक उत्तरप्रदेश के मदरसों में राष्ट्रगान नहीं गाया जाता था। अगर ऐसा है तो मैं बहुत हैरान हूं।’’ शाहनवाज ने कहा, ‘‘मैंने खुद एक मदरसे में पढ़ाई की है। वहां हम खुशी-खुशी और स्वेच्छा से राष्ट्रगान का पाठ करते थे। राष्ट्र के प्रति श्रद्धा दिखाने में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं हो सकता है।’’

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के मदरसों में छात्रों के लिए कक्षाएं शुरू होने से पहले राष्ट्रगान का पाठ अनिवार्य किए जाने को कुछ इस्लामी विद्वानों द्वारा अपवाद के रूप में लिया गया है। इन विद्वानों का दावा है कि रवींद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखे गए इस राष्ट्रगान के शब्द उनके धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

बिहार विधानसभा में हो चुकी है इस पर तीखी बहस

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के बीच इस मुद्दे पर काफी गहमागहमी भी हो चुकी है। तब कुछ भाजपा विधायकों ने यहां तक कहा था कि जो भी जनप्रतिनिधि राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत गाने से इनकार करते हैं, उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए।

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