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पीएम मोदी ने कहा, “यह हमारा सौभाग्य है कि हम इस पवित्र ‘सेन्गोल’ की महिमा को पुनर्स्थापित कर सके।”
नयी दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सिर्फ जटिल नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतीक है नया संसद भवन, जिसका उन्होंने आज सुबह एक भव्य समारोह में उद्घाटन किया, जिसमें 25 पार्टियों की उपस्थिति देखी गई। 20 विपक्षी दल आयोजन का बहिष्कार कर रहे हैंपीएम पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पूरी तरह से दरकिनार करने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ रहा है, नया संसद भवन भी दुनिया की प्रगति में योगदान देगा।
उन्होंने कहा, “नया संसद भवन आत्मानबीर भारत (आत्मनिर्भर भारत) की सुबह का एक वसीयतनामा होगा। यह एक विकसित भारत (विकसित भारत) की हमारी यात्रा का गवाह होगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “देश की विकास यात्रा के कुछ क्षण अमर हो जाते हैं, आज एक ऐसा दिन है…नया संसद परिसर हमारे ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार होते देखेगा।”
आज नए लोकसभा कक्ष में स्थापित ऐतिहासिक राजदंड ‘सेंगोल’ पर पीएम ने कहा कि इसे चोल साम्राज्य में सेवा और राष्ट्रवाद के प्रतीक के रूप में देखा जाता था।
“यह सेनगोल सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक है। आदिनम संतों ने हमें संसद में आशीर्वाद दिया। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। यह हमारा सौभाग्य है कि हम इस पवित्र ‘सेंगोल’ की महिमा को पुनर्स्थापित कर सके। यह ‘सेंगोल’ हमें प्रेरित करता रहेगा।” उन्होंने कहा।
पीएम ने कहा, “हमारा लोकतंत्र हमारी प्रेरणा है, हमारा संविधान हमारा संकल्प है। इस प्रेरणा, इस संकल्प का सबसे अच्छा प्रतिनिधि हमारी संसद है।”
पीएम ने कहा कि नए संसद भवन के निर्माण से 60,000 श्रमिकों को रोजगार मिला है और उन्हें समर्पित एक डिजिटल गैलरी भी बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि नया संसद भवन पुराने और नए के सह-अस्तित्व का एक आदर्श उदाहरण है।
पीएम मोदी ने कहा, “भविष्य में जब सांसदों की संख्या बढ़ेगी तो वे कहां बैठेंगे? इसलिए नया संसद भवन समय की मांग थी।”
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