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‘मंदिर तोड़कर फिर होगा मस्जिद का निर्माण’
दरअसल मौलाना ने हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाऊ नवभारत से बातचीत के दौरान कहा कि हमारी आने वाली पीढी के सामने 50-100 वर्षों में ऐसा इतिहास सामने आएगा कि जैसे आज हमारी मस्जिद तोड़कर वहां मंदिर का निर्माण किया गया। वैसे ही हो सकता है उस समय कोई मुसलमान शासनकर्ता व मुसलमान न्यायाधीश होगा।
आज मुसलमान खामोश है। आने वाले समय में एक हिस्ट्री ये लिखी जाएगी कि 1992 में बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया। एंकर के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इतिहास के आधार पर मंदिर तोड़कर पुन: मस्जिद का निर्माण हो सकता है।
आज मुसलमान खामोश है, मेरी आने वाली नस्ल, मेरा बेटा, मेरा पोता, उसका पोता, 50 साल, 100 साल के बाद जब हिस्ट्री उनके सामने आएगी कि हमारी मस्जिद को तोड़कर मंदिर बना दिया गया। उस वक्त हो सकता है कोई मुस्लिम शासक हो, कोई मुस्लिम जज हो या मुस्लिम शासन आ जाए। कुछ नहीं कहा जा सकता क्या फेरबदल हो… क्या इस मंदिर को तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई जाएगी? बिल्कुल बनाई जाएगी।
मौलाना साजिद रशीदी, AIIM चीफ
हिंदू महासभा के प्रवक्ता ने किया पलटवार
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने पलटवार किया है। शिशिर ने कहा कि यह पहले अपना इतिहास पढ़ लें कि किस तरह से शिवाजी महाराज ने इनकी बखिया उधेड़ी थी। महाराणा प्रताप ने किस तरह से इन लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा था। वहीं हरि सिंह नलवा ने इनको अफगानिस्तान में घुसकर बीसों बार मारा फिर जब इन्होंने जान की भीख मांगी तब इन्हें छोड़ा।
भारत का हिंदू जाग चुका है- शिशिर
शिशिर ने कहा यही सनातनी इतिहास है। भारत का हिंदू जाग चुका है। हमारा देश हिंदू राष्ट्र बनने की ओर बढ़ेगा। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महराज ने जामा मस्जिद की खुदाई करने की मांग भी कर चुके हैं।
इनपुट- संदीप तिवारी
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