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बेतिया स्टेशन पर बीते 17 जून को दिल्ली से आ रही सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन को जलाने की बड़ी प्लानिंग हुई थी। इसके लिए करीब 2 हजार उपद्रवी सुबह 7 बजे ही बेतिया रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे और हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि इस मौके पर रेल डीएसपी पंकज कुमार ने सूझ-बूझ से काम लिया और उपद्रवियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया।
डीएसपी पंकज कुमार ने बताया कि उपद्रवियों के मंसूबे भांप कर उन्होंने ट्रेन को बेतिया से पहले कुमारबाग रेलवे स्टेशन पर ही रुकवा दिया था। लेकिन उपद्रवी इंटरनेट के द्वारा ट्रेन का लाइव स्टेटस देख रहे थे और कुमारबाग में रुकने की जानकारी मिलते ही उधर बढ़ने लगे। इधर पंकज कुमार ने पहले ही सप्तक्रांति एक्सप्रेस में RPF के इंस्पेक्टर चंदन कुमार को कुछ जवानों के साथ बिठा रखा था। उन्होंने चंदन कुमार को इसकी जानकारी दी और ट्रेन को चनपटिया रेलवे स्टेशन पर बैक करवा दिया।
उपद्रवी अभी भी लाइव स्टेटस चेक कर रहे थे और अब चनपटिया रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ने लगे थे। तब जाकर रेलवे के अधिकारियों से बात कर सप्तक्रांति एक्सप्रेस का लाइव स्टेटस बदलकर मुजफ्फरपुर करवा दिया गया।
इसके बाद सप्तक्रांति एक्सप्रेस का स्टेटस मुजफ्फरपुर दिखाने लगा। इस दौरान ट्रेन को कुमारबाग और चनपटिया रेलवे स्टेशन के बीच सुनसान जगह पर खड़ा करा दिया गया, जिससे सभी को सही सलामत बचाया जा सका।

रेल डीएसपी पंकज कुमार।
पुलिस पर भी सहयोग नहीं करने का लगाया आरोप
बेतिया रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ के मामले में रेल डीएसपी पंकज कुमार ने पुलिस पर अग्निशमन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर पहले से खड़ी दो रेल इंजनों में आग लगा दी थी। लेकिन वहां मौजूद बेतिया पुलिस मूकदर्शक बन देखती रही। कहने के बावजूद उन्होंने कुछ नहीं किया।
इंजनों में आग लगने पर अग्निशमन विभाग को कॉल भी किया गया, लेकिन उधर से कहा गया कि जबतक SDM का आर्डर नहीं मिलेगा, तब फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं जाएगी। इसके बाद हमलोगों ने बाल्टी से पानी फेंककर आग बुझाई है।
उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर उपद्रवियों को छोड़ा नहीं जाएगा। एक हजार अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है। अगल-बगल के मोबाइल टावर का डेटा लिया जा रहा है, स्टेशन पर लगे CCTV फुटेज के जरिए भी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
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