Home Muzaffarpur मुजफ्फरपुर कारोबारी मर्डर केस: कम मुनाफा पर सामान देने को लेकर गोविंद और राहुल में था विवाद, दो दिनों बाद तक भ्रमित थी पुलिस

मुजफ्फरपुर कारोबारी मर्डर केस: कम मुनाफा पर सामान देने को लेकर गोविंद और राहुल में था विवाद, दो दिनों बाद तक भ्रमित थी पुलिस

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मुजफ्फरपुर कारोबारी मर्डर केस: कम मुनाफा पर सामान देने को लेकर गोविंद और राहुल में था विवाद, दो दिनों बाद तक भ्रमित थी पुलिस

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मुजफ्फरपुर शहर के कारोबारी गोविंद ड्रोलिया मर्डर केस से पर्दा पूरी तरह हट चुका है। घटना की गुत्थी तो सुलझ ही गई। शूटर समेत तीनों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। राहुल और शूटर सुमित ने जिस कपड़े को पहनकर हत्या को अंजाम दिया था।

उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। इसे FSL जांच को भेजा जाएगा। पुलिस जांच और राहुल से पूछताछ में पता लगा कि गोविंद अपने भाई गणेश ड्रोलिया को कम मुनाफा (कमीशन) लेकर पान मसाला डिलीवरी करते थे। जबकि राहुल और उसके पिता राजू को अधिक कमीशन पर सामान उपलब्ध कराते थे।

इसी के कारण राहुल और गोविंद के बीच विवाद चल रहा था। राहुल का कहना था जब दोनों डिस्ट्रीब्यूटर है और दोनों गोविंद से सामान ले रहा है तो फिर दो रेट में सामान में क्यों खरीदेगा। इसके अलावा गोविंद की दुकान पहले सरैयागंज के पास थी।

छह माह पूर्व उन्होंने कलिकोठी रोड में राहुल की दुकान के समीप अपनी दुकान खोल ली। इससे राहुल के व्यवसाय पर असर पड़ा। उसका धंधा मंदा पड़ने लगा था। उसके पिता परेशान थे कि आखिर धंधा मंदा क्यों चल रहा है। राहुल को इसकी वजह पता थी।

इसी के बाद उसने इस पूरे हत्याकांड की साजिश रच डाली थी। SSP जयंतकांत ने कहा कि यह पूरा खेल सिर्फ व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और मुनाफा का है। इसी के कारण गोविंद की हत्या कर दी गयी।

50 हजार रुपए का दिया था लालच

राहुल ने बताया कि उसने पहले सुमित को इसके लिए तैयार किया। उसे 50 हजार रुपए देने का लालच दिया था। 10 हजार रुपये एडवांस देने की बात भी कह रहा है। शेष पैसा काम तमाम होने के बाद देने की बात कही थी।

इसके बाद भिखनपुरा के विश्वजीत से पिस्टल खरीदा और घटना को अंजाम दिया। मर्डर के बाद जब व्यवसाई संगठन शहर में कैंडल मार्च और बंद कर रहे थे।

उसमे राहुल और सुमित दोनो शामिल हुआ था। दोनो पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। इतना ही नहीं गोविंद के मर्डर के बाद राहुल उनके घर पर भी मातम मनाने गया था।

7-8 राउंड की थी फायरिंग

SSP ने बताया कि सुमित ने पुलिस पर करीब 7-8 राउंड फायरिंग किया होगा। पुलिस की तरफ से तीन राउंड फायरिंग होने की बात बताई गई है। इसी दौरान रक गोली सुमित के पैर में लगी और यह घायल हो गया था।

जिसके बाद फायरिंग बंद हुई तो पुलिस ने उसे पिस्टल के साथ दबोच लिया। पुलिस ने बाइक, दो पिस्टल, छह खोखा, एक कट्टा, नौ कारतूस, दो महंगी ब्रांडेड मोबाइल आदि जब्त किया है।

अब रंगदारी का रूप देने की थी साजिश

घटना के बाद CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस राहुल तक पहुंचने वाली थी। इसका पता लगते ही राहुल और सुमित ने मिलकर दूसरी साजिश रची। रविवार रात गोविंद के घर पर बाहर से फायरिंग करने की साजिश थी। और रंगदारी वाला एक पर्चा भी छोड़ने की योजना थी।

ताकि पुलिस को लगे कि रंगदारी के लिए गोविंद की हत्या की गई है। लेकिन, इससे पूर्व ही राहुल पकड़ा गया। इसकी जानकारी सुमित को नहीं थी। रविवार देर रात राहुल से सुमित को कॉल करवाया गया। उसने कहा कि वह बीबी कॉलेजिएट में है।

अब कुछ देर में गोविंद के घर पर फायरिंग करने जाएगा। इसी के बाद राहुल को लेकर पुलिस ने कॉलेज में धावा बोल दिया। खुद को फंसता देख सुमित ने फायरिंग शुरू कर दिया।

एक युवक के कारण भटक गई पुलिस

SSP ने बताया कि घटना के बाद जब पुलिस जांच जारी थी। तभी स्थानीय एक युवक ने बताया कि दोनों अपराधी लाल रंग की बाइक से थे। अब दो दिनों तक पुलिस CCTV फुटेज खंगालती रही। लेकिन, लाल रंग की बाइक से अपराधी नहीं दिखे।

जब उस युवक को फिर से बुलाकर पूछताछ की गई तब उसने अपनी गलती स्वीकार की। कहा कि सुनी सुनाई बात पर वह विश्वास कर बैठा था और पुलिस को भी वही बयान दे दिया। उसे जमकर फटकार भी लगाई गई।

गणेश से हुई थी राहुल की बात

घटना से मृतक कारोबारी के भाई गणेश की राहुल से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। पुलिस को जानकारी मिली कि गोविंद की बेटी और राहुल की बहन साथ में एक ही स्कूल में पढ़ती है। पुलिस ने विवाद के एंगल पर जांच की।

लेकिन किसी गलत बात की जानकारी पुलिस को नहीं मिली। पुलिस का दावा है कि राहुल पर शक गहराने के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल का कॉल डिटेल्स खंगाला। इसमें घटना से कुछ देर पूर्व राहुल के साथ मृतक के भाई गणेश ड्रोलिया के बातचीत होने की जानकारी पुलिस को मिली।

पुलिस ने गणेश ड्रोलिया से बातचीत की जानकारी ली। उन्होंने भी कुछ ऐसा नहीं बताया जिससे राहुल पर शक गहरा जाए। उसने व्यव्यसाय सम्बन्धित ही बात मोबाइल पर की थी। लेकिन, कहीं न कहीं वह शक के दायरे में आ रहा था। जब उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और पूरी जानकारी दे दी।

 

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