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बांका. किसानों के धान को अब पैक्स और व्यापार मंडल के साथ-साथ कृषि विभाग और जीविका की ओर से बनाए गए फारमर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) के माध्यम से भी खरीदा जाएगा. इसके लिए सहकारिता विभाग की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं. इसके तहत एमएसपी पर धान खरीद में बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया है. इसमें सबसे अहम पोर्टेबिलिटी की सुविधा है जिसे अब समाप्त कर दिया गया है. पोर्टेबिलिटी की सुविधा खत्म हो जाने से किसान अब केवल अपने संबंधित पैक्स या व्यापार मंडल में ही धान बेच सकेंगे. दरअसल पहले किसान अपनी मर्जी से किसी भी पैक्स और व्यापार मंडल में धान बेच सकते थे. वहीं, जिस पंचायत में पैक्स सक्रिय नहीं है, वहां कृषि विभाग और जीविका की ओर से बनाए गए एफपीओ के माध्यम से धान की खरीद होगी. हालांकि अगर वहां पर एफपीओ नहीं होगा तो निकटवर्ती पैक्स के साथ पंचायतों को पूर्व की तरह टैग किया जाएगा.
बता दें कि जिन एफपीओ को धान खरीद के लिए चिन्हित किया जाएगा, उसे पैक्स की तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. एफपीओ का चयन करने से पहले उनकी भंडारण क्षमता तथा प्रबंधन योग्यता का आकलन करना आवश्यक होगा. इसके बाद ऐसे समूहों का खाता स्थानीय कॉपरेटिव बैंक में खोलकर विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा. साथ ही धान की खरीद के लिए इन्हें प्रारंभिक पूंजी भी उपलब्ध कराई जाएगी. एफपीओ को धान बेचने से पहले या देखना आवश्यक होगा कि संबंधित किशन कृषि विभाग के पोर्टल पर निबंधित है या नहीं. इसके बाद लॉगिन की सुविधा दी जाएगी.
इस साल 29 हजार 939 एमटी धान की होगी खरीद
इस साल जिले में 29 हजार 939 एमटी धान खरीद का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. धान खरीद के लिए 143 पैक्स और दो व्यापार मंडल का चयन किया गया है. जिला सहकारिता पदाधिकारी संगीता कुमारी ने बताया कि अब तक 118 समितियों के द्वारा 58 किसानों से 225.717 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है. उन्होंने बताया कि पैक्सों के अलावे वैसे पंचायत जहां पैक्स सक्रिय नहीं है, उन पंचायतों में कृषि विभाग या जीविका द्वारा गठित किसान उत्पादक समूह (एफपीओ) के माध्यम से धान खरीद की जाएगी.
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प्रथम प्रकाशित : 29 नवंबर, 2022, दोपहर 12:44 बजे IST
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