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‘इसराइल मंसूरी को बर्खास्त करे सीएम’
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कांटी हत्याकांड मे आरोपी मंत्री इसराइल मंसूरी को मंत्रिमंडल से तुरंत बर्खास्त करने की मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि कांटी में धरना कार्यक्रम में बैठे लोगों पर अपराधियों ने गोलियां चलाई। उन्होंने कहा कि बेखौफ अपराधियों के इस गोलीबारी में 18 वर्षीय राहुल कुमार की हत्या कर दी गई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कब तक बिहार में अपराधियों का तांडव का मंत्रियों के कुकृत्य पर आंखें बंद कर रखेंगे। नीतीश कुमार अगर वास्तव में समाधान चाहते हैं तो मंत्री इसराइल मंसूरी को बर्खास्त कर उन पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करवाएं।
‘नीतीश जी कहां गया ट्रिपल C का फार्मूला?’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने नीतीश कुमार से सवाल करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी आप तो सुशासन और न्याय के साथ विकास के प्रतीक है न? आप तो जनता की सुनते हैं और जनता, संविधान और कानून के अनुसार चलते हैं न? आप के लिए तो संविधान ही धर्म और संविधान ही कर्म है न? आप तो अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलेरेंस रखते हैं न? अगर ये सच है तो कांटी हत्याकांड में आरोपी आईटी मंत्री और राजद नेता इसराइल मंसूरी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर तुरंत उचित कारवाई कीजिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्थानीय जनता के बयान और उनके रिकॉर्ड किए गए वीडियो को भी देखें। नीतीश कुमार देखे की लोग इस हत्याकांड का कारण रंगदारी बताते हुए आईटी मंत्री और आरजेडी नेता इसराइल मंसूरी को दोषी बता रहे हैं।
नीतीश के लिए कुर्सी ही परम धर्म है: जायसवाल
संजय जायसवाल ने नीतीश कुमार को कहा कि कुर्सी के मोह में उन्हें आरजेडी का आतंक दिखायी नहीं दे रहा। नीतीश कुमार को अब ये स्वीकार कर लेना चाहिए कि उनके लिए कुर्सी परमोधर्म: है। नीतीश कुमार को ये भी स्वीकार करना चाहिए कि वो सत्तालोलुप और पाखंडी बन चुके हैं, जनता अब नीतीश कुमार के लिए कौड़ी भर भी मायने नहीं रखती। लगभग चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ये भी याद रखना चाहिए कि जनता सब देख रही है।
कितने मंत्री बने नीतीश के लिए परेशानी का सबब?
9 अगस्त 2022 को बिहार में महागठबंधन सरकार के गठन के साथ ही नीतीश कुमार के ऊपर आफत के बादल मंडराने लगे थे। मंत्रिमंडल में शामिल कई मंत्रियों पर भारतीय जनता पार्टी ने उंगली उठाए। एक तरफ नीतीश कुमार मंत्रियों के अपराधिक रिकॉर्ड और उनके चरित्र को लेकर विपक्ष का वार झेल रहे थे। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के पुत्र सुधाकर सिंह जो कि नीतीश मंत्रिमंडल में बतौर कृषि मंत्री बनाए गए थे। उन्होंने नीतीश कुमार के खिलाफ ही मोर्चा खोलकर धज्जियां उड़ा दी। इसके बाद सुधाकर सिंह को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया। फिर बारी आई आरजेडी कोटे से ही बिहार के कानून मंत्री बनाए गए कार्तिक सिंह की।
बीजेपी ने आरोप लगाया था कि जिस दिन अपहरण के एक मामले में फरार कार्तिक सिंह को अदालत के सामने हाजिर होना था। नीतीश कुमार ने उसी दिन उन्हें कानून मंत्री बना कर पूरे देश में बिहारियों को अपमानित करने का काम किया। बाद में कार्तिक सिंह ने भी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद आरजेडी कोटे से शिक्षा मंत्री बने चंद्रशेखर यादव ने रामचरितमानस पर आपत्तिजनक बयान देकर नीतीश कुमार की किरकिरी करा दी। इतना ही नहीं आरजेडी कोटे से ही मंत्री आलोक मेहता ने भी आरक्षण को लेकर जिस तरह से बयान दिया उसे डिफेंड करने के लिए जेडीयू के पास शब्द नहीं थे। आरजेडी कोटे से ही और मंत्री सुरेंद्र यादव ने भारतीय सेना पर ही आपत्तिजनक टिप्पणी कर नीतीश कुमार की परेशानी को और बढ़ा दिया।
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