
[ad_1]

निगरानी की गिरफ्त में डाटा इंट्री ऑपरेटर।
– फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
विस्तार
बिहार में घूस लेने वालों पर निगरानी की दबिश अब निचले स्तर के कर्मियों तक पहुंच गई है। इस बार एक डाटा इंट्री ऑपरेटर ने महज छह हजार रुपये मांगे थे, मगर शिकायत पहुंची तो उसे भी नहीं छोड़ा गया। निगरानी टीम में मुजफ्फरपुर में यह कार्रवाई की।
मनियारी थाना क्षेत्र निवासी वेल्डिंग मिस्त्री मो. रियाजउद्दीन को बिजली का कनेक्शन देने के नाम पर डाटा इंट्री ऑपरेटर घूस मांग रहा था। निगरानी डीएसपी शिव कुमार साह ने रामदयालु नगर से गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी बिजली कंपनी के मारकन अंचल का डाटा एंट्री ऑपरेटर अजीत कुमार है। वह मूल रूप से वैशाली जिले के राजापाकड़ गांव का मूल निवासी है। निगरानी डीएसपी ने बताया कि रियाजुद्दीन को वेल्डिंग मशीन चलाने के लिए व्यावसायिक विद्युत कनेक्शन लेना था। इसके लिए उसे बिजली कंपनी का कर्मी दौड़ा रहा था। अजीत कुमार ने उससे कहा था कि छह हजार रुपए मिलने पर बिजली का कनेक्शन दे दिया जाएगा।
रियाजुद्दीन ने इसकी शिकायत 22 दिसंबर 2022 को निगरानी विभाग में की थी। उसने कहा था कि वह घूस देना नहीं चाहता है। उसकी शिकायत के आधार पर निगरानी कांस्टेबल कृष्ण मुरारी कश्यप सत्यापन के लिए 23 दिसंबर को मारकन विद्युत अंचल कार्यालय पहुंचे। सत्यापन के बाद अजीत कुमार के खिलाफ पटना निगरानी थाना में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद उसे घूस लेते हुए रंगे हाथ ट्रैप करने के लिए निगरानी डीएसपी शिव कुमार साह के नेतृत्व में टीम बनाई गई। इसमें डीएसपी बिमलेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार जयसवाल, इंस्पेक्टर ईश्वर प्रसाद, एसआई देवीलाल श्रीवास्तव, गणेश कुमार, एएसआई कौशल किशोर, ऋषिकेश कुमार सिंह और सिपाही शशिकांत मुजफ्फरपुर पहुंचे थे।
[ad_2]
Source link