
[ad_1]
पूर्णिया के रंगभूमि मैदान में महागठबंधन की रैली
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चलने वाली महागठबंधन की सरकार आगामी 25 फरवरी को पूर्णिया के रंगभूमि मैदान में शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। नीतीश कुमार ने ये ऐलान किया है कि 2024 के लिए उनका लक्ष्य केंद्र की सत्ता से बीजेपी को उखाड़ फेंकने का है। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से बताया गया कि नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, जीतन राम मांझी, अखिलेश सिंह जैसे नेता जनता को ये बताने का प्रयास करेंगे कि मोदी सरकार ने अपने 9 साल के कार्यकाल में सिर्फ प्रचार करने का काम किया है। 2023 के आम बजट में बिहार की घोर उपेक्षा की गई है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने संघीय व्यवस्था पर निरंतर हमला किया है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और पैकेज नहीं दिया गया। उसके अलावा गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेलेपन व्यवहार किया जा रहा है।
‘सीमांचल के मुसलमानों को एकजुट करने का प्रयास’
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि कार्यकर्ता सीमावर्ती इलाके में रहने वाले लोगों के संपर्क में भी रहें। बीजेपी कार्यकर्ता मुस्लिम इलाकों में भी जाएं और उनसे समस्या जानने की कोशिश करें। चाहे वो वोट देते हों या नहीं, इसकी चिंता किए बगैर बीजेपी के कार्यकर्ता हर घर पहुंच कर उनकी समस्या जाने और उसके समाधान के लिए प्रयास करें। बीजेपी के पूर्व विधायक और प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ पर आगे बढ़ रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत तमाम विपक्षी दल को अब मुसलमान वोट बैंक भी खिसकता हुआ नजर आ रहा है। यही वजह है कि सीमांचल के इलाके में रैली कर महागठबंधन एक बार फिर मुसलमानों के मन में बीजेपी के प्रति दुर्भावना और भय पैदा करना चाहती है।
रैली को सफल बनाने के लिए मैदान में दिग्गज
25 फरवरी को पूर्णिया में आयोजित महागठबंधन की रैली के लिए आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह भी कई इलाकों का दौरा कर रहे हैं। इस उन्होंने कहा कि रैली में पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार के अलावा सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और भागलपुर जिले के नेता और कार्यकर्ता के साथ-साथ गरीब, वंचित समाज को जोड़ने वाले सभी वर्ग के लोग शामिल होंगे। साम्प्रदायिक और उन्मादी शक्तियां देश और राज्य में माहौल खराब करने का साजिश कर रहीं हैं। सभी को एकजुट होकर वैसी ताकतों को जवाब देने के लिए इस रैली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
अमित शाह कर चुके हैं पूर्णिया में जनसभा को संबोधित
पूर्णिया के जिस रंगभूमि मैदान पर 25 फरवरी को महागठबंधन की रैली आयोजित है, वहां 5 महीने पहले यानी सितंबर 2022 में ही एक जनसभा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित कर चुके हैं। उस वक्त अमित शाह ने बिहार में नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था। राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने ये भी कहा था कि इस बार बीजेपी का बिहार को जीतना और भी आसान हो गया है। क्योंकि नीतीश कुमार ने बिहार में जंगलराज स्थापित करने वाले और देश में भ्रष्टाचार का साम्राज्य फैलाने वालों का साथ लेकर सरकार बनाई है। बिहार के लोग जनता दल यूनाइटेड और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पाप की वजह से काफी नाराज हैं।
[ad_2]
Source link