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उन्होंने कहा कि योग विभाग की शुरूआत भी पटना एम्स का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है और इसे भी अगले साल शुरू किया जाएगा। पाल ने कहा कि एम्स-पटना ने कोविड के समय में बहुमूल्य सेवाएं प्रदान की हैं और आज भी राज्य भर से मरीज गुणवत्तापूर्ण इलाज की उम्मीद में वहां पहुंचते हैं। इस बीच, मंगलवार को अन्य विभागों में एनेस्थीसिया , एनाटॉमी, बायोकेमिकल, प्लास्टिक सर्जरी, कम्युनिटी मेडिसिन, डेंटिस्ट्री, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन में नियुक्तियां की गईं। ये नियुक्तियां इस महीने की शुरुआत में वहां हुए साक्षात्कार के आधार पर की गई हैं। मंगलवार देर शाम नियुक्ति पत्र बांटे गए।
डॉ पाल ने कहा कि 305 की स्वीकृत शक्ति के विरुद्ध केवल 131 संकाय सदस्य काम कर रहे थे और नई नियुक्तियों से कुल संख्या 213 हो गई है। उन्होंने कहा, ‘हालांकि, शेष पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।’ इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण बनाने वाली बात यह थी कि कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग एक साल से अधिक समय से बिना फैकल्टी के चल रहे थे। अब, तीनों विभागों में से प्रत्येक को दो संकाय मिल गए हैं।
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