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पुलिस जानकारी के बाद सजग होती तो बच सकती थी जान
बच्ची के घरवालों ने इस मामले में पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की जगह परिवार वालों को ही अगल-बगल खोजने को कहा। इसी बीच परिवार वालों को उस बच्ची के साथ खेलने वाले एक अन्य बच्चे से पता चला कि दुर्गा मंदिर के पास उसे एक लाल रंग की टोटो में बैठा कर ले जाया गया। इस जानकारी के बाद परिवार के लोग उस टोटो वाले को खोजने लगे। लाल रंग की टोटो के घर का पता चलने पर परिवार के लोग उससे पूछताछ करने गए। पहले तो टोटो वाले पेंटर का काम करने वाले सागर सोनी ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया।
टोटो वाले पर शक के चलते उसके अन्य सहयोगियों से भी पूछताछ की गई तो यह बात सामने आई कि उसी टोटो से बच्ची को ले जाया गया। बाद में टोटो चालक अपने घर में बढ़ती भीड़ को देख कर भाग गया। रात के 11 बजे परिजनों ने खोजबीन के दौरान को बच्ची की लाश को रेलवे स्टेशन के बगल स्थित एक नाली नुमा गुफा में बालू से ढकी अवस्था में देखा। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। बाद में पुलिस ने वहां से लाश को बरामद किया।
दुष्कर्म के बाद आंख फोड़ी, फिर गला दबा कर की हत्या
बच्ची की लाश पर कोई कपड़ा नहीं था और उसकी शरीर के कई अंगों से खून बह रहा था। उसकी आंख भी फोड़ दी गई थीं। लाश को देखने से स्पष्ट था कि उस बच्ची के साथ कुछ लड़कों ने काफी दरिंदगी कर उसकी आंख फोड़ कर हत्या कर लाश को छिपा दिया था। पुलिस अब आरोपियों को खोजने में लगी है। इसी बीच टोटो वाले के भाग जाने पर पुलिस ने पूछताछ के लिए उसकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है। उसी के कहने पर टोटो चालक डोमन पासवान, अजय वर्णवाल, श्रीधर वर्णवाल, सहित चार को पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस लगातार टोटो मालिक सागर सोनी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।
आम लोगों में आक्रोश, SDPO बोले- चार गिरफ्तार किसी को नहीं छोड़ेंगे
पुलिस की शिथिलता के बाद लोगो का गुस्सा काफी बढ़ गया है। जल्द से जल्द आरोपी को पकडने और फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में एसडीपीओ प्रेमचन्द्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही वे खुद पूरे अनुसंधान पर नजर रख रहे हैं। चार की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। शेष इस घटना में जो भी शामिल हैं, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। मृतक बच्ची के चाचा के लिखित आवेदन पर मामला दर्ज करते हुए लाश को पोस्टमार्टम के लिए बांका भिजवा दिया गया है। स्वजनों का आरोप है कि गायब होने की सूचना के बाद से ही अगर पुलिस छानबीन करती से बच्ची को बचाया जा सकता था।
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