Home Bihar किशनगंज में जैन मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कह दी बड़ी बात

किशनगंज में जैन मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कह दी बड़ी बात

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किशनगंज में जैन मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कह दी बड़ी बात

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किशनगंज: देश की अगर दशा बदलनी है तो भगवान महावीर के संदेशों-सिद्धांतों को फॉलो करना होगा। उनकी जीवन शैली को, उनकी कहानियों को भी पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। ऐसा दिगम्बर जैन मुनि प्रमुख सागर जी महाराज का मानना है। स्थानीय दिगम्बर भवन में उन्होंने कहा कि भगवान महावीर को सांप ने डंसा तो शोध की भावना से हटकर उन्होंने उसे अमृत पिला दिया। भगवान महावीर की शैली थी कि अगर किसी को अच्छा बनाना है तो उसके प्रति पहले अच्छा सोचना होगा।

‘जिओ और जीने दो’

उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का संदेश ‘जिओ और जीने दो’ देश ही नही विदेशों तक जा रहा है। यह मानवता का ऐसा संदेश है जो जिसके अंदर जन्म ले लेता है तो वो अपना भी कल्याण करता है। जन-जन का भी कल्याण करता है। उन्होंने भगवान महावीर के पांच सिद्धान्तों को विस्तार से बताते हुए कहा कि इन सिद्धांतों की शिक्षा स्कूल, कॉलेजों, कार्यालयों में भी दी जानी चाहिए। पांच सिद्धान्तों में पहला सिद्धान्त है अहिंसा। अगर अहिंसा का सिद्धांत पूरे विश्व मे लागू हो जाता है तो आतंकवाद जैसी समस्या चुटकियों में खत्म हो सकती है।

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भगवान महावीर के सिद्धांत को मानें

वहीं दूसरा और तीसरा सिद्धान्त झूठ नहीं बोलना है। जिससे देश में चोरी, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की समस्या खत्म हो जाएगी। चौथे सिद्धान्त अकाम का मतलब ब्रह्मचर्य की साधना करना। इस सिद्धांत की शिक्षा देने से बलात्कार आदि जघन्य अपराध रुक जाएंगे और पांचवा सिद्धान्त अपरिग्रह का है। अपरिग्रह का सिद्धांत यह बताता है कि हमे जितना जरूरत हो उतना ही संग्रह करना चाहिए। आवश्यकता से अधिक और अधिक से अधिक संग्रह करने की लालसा बड़ी मुसीबत लाती है। इससे दूसरों की गलत दृष्टि पड़ती है जो हानि का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है। लोग किसी भी धर्म को मानने के लिए स्वतंत्र है।

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