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गोपालगंज. गोपालगंज पुलिस ने एक युवक की इस तरह से पिटाई कर दी कि उसे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होना पड़ा. इतना ही नहीं पुलिस ने युवक को पीटते वक्त किसी को वीडियो कॉल कर उसके चिल्लाने और उसे पीटे जाने का सबूत भी दिखाया. इस मामले में जख्मी युवक के परिजनों ने पुलिस कप्तान से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है. मामला बरौली थाने का है. पीड़ित युवक रतनसराय का किराना व्यवसायी नेयाज अहमद का बेटा हसन इकबाल है.
सदर अस्पताल में भर्ती हसन इकबाल ने कहा कि उसपर मारपीट का एक मामला बरौली थाने में दर्ज है. काफी पहले उसके पड़ोसी ने यह एफआईआर दर्ज कराई थी. हसन इकबाल ने बताया कि इस मामले में उसे कोर्ट से जमानत मिली हुई है. हसन के मुताबिक, रविवार को वह रतनसराय बाजार स्थित अपनी दुकान पर था. तभी बरौली थाने की गश्ती गाड़ी पहुंची और उसमें सवार पुलिसकर्मियों ने दुकान से उसे खींचकर कर पिटाई करते हुए जीप में बैठा लिया. पुलिस ने उसे ले जाकर बेरहमी से पीटा.
हसन ने बताया कि पिटाई के दौरान वह दर्द से चीखता-चिल्लाता रहा. उसने न पीटने की पुलिसवालों से याचना की. पर पुलिसकर्मी उसे पीटते रहे. इस बीच उन्होंने किसी को वीडियो कॉल कर मेरी पिटाई का सबूत भी दिखाया. देर रात पुलिसकर्मियों ने मुझे छोड़ दिया. वहीं, परिजनों ने जख्मी हसन इकबाल को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है. हसन के हाथ और सिर पर गंभीर चोट होने की बात बताई जा रही है.
इस मामले में बरौली पुलिस ने हसन इकबाल की पिटाई किए जाने के आरोप से इनकार किया है. थानाध्यक्ष अमरेंद्र साह का कहना है कि पुलिस मारपीट के मामले में अनुसंधान करने गई थी. पुलिस को देखकर हसन भागने लगा, इस दौरान वह गिरकर घायल हो गया है. बरहाल इस पूरे मामले में परिजनों ने जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है.
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